Monday, 7 March 2016

तेरी मिटटी को शत शत नमन

देशभक्ति कविता
तेरी मिटटी को मेरा शत-शत है नमन,
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
न जाने कितने एहसान है तेरे|
न जाने कितने एहसान है तेरे,
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
तेरी धरा में माँ, खून है मिला
कही है राणा का तो कही सुभास का
उस खून को मेरा, शत् शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
सबसे पहले फांसी चढ़ने मंगल आया
सन् सत्तावन की क्रांति का दिया जलाया
उस क्रांति को मेरा शत्-शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
झाँसी की रानी माँ वो तो महिला थी
मर्दों जैसी माँ वो लड़ने वाली थी
झांसी रानी को मेरा शत्-शत् है नमन
तेरी मिटटी को मेरा शत्-शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
तेरे तुलसी ने माँ एसा रंग जमाया
राम के दोहे की माला लेकर आया
उसके राम को मेरा शत् शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
स्वतंत्रता का झंडा लेकर अशफांक आया
साथ में दिल-ए-बिस्मिल लेकर आया
अशफांक बिस्मिल को मेरा शत्-शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
उस दिल से लिखी है ये कविता मैंने माँ
जिस दिल से भगत सिंह फाँसी चढ़ा था
भगत की फांसी को मेरा शत्-शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||

Thursday, 28 January 2016

भारत

हमारा देश एक महान देश हैं।

Friday, 25 September 2015

Thursday, 24 September 2015

आज की आवश्यकता - "समय-प्रबंधन"

              आज के युग में समय प्रबंधन एक ऐसा अभिन्न अंग हैं जिसके बिना मानव का कोई भी कार्य या लक्ष्य अपनी चरम पराकाष्ठा तक नहीं पहूँच सकता। अतः समय-प्रबंधन एक आवश्यक स्थिति हैं।
              और  इसलिए ही अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना चाहिए। और उस दिनचर्या में सभी आवश्यक कार्यों का समावेश होना आवश्यक हैं। इसके लिए आप प्रातःकाल से शुरुआत करे आप ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डाले। यकीन मानिए आपकी जिंदगी ही नवीन दिशामय हो जायेगी। आपको कुछ दिन उठने में समस्या होगी पर अभ्यास के बाद में नहीं। आप स्वयं पर गर्व करने लगेंगे और आपका आत्म विश्वाश भी बढ़ेगा क्योकि आपके प्रत्येक कार्य हो रहे है वो भी समय के साथ। आपकी छवि अपने घर, परिवार, समाज, दोस्तों में या आपके कार्यस्थल कार्यालय में तक सर से पाँव तक बदल जायेगी। और आपको नीट नयी स्फूर्ती का एहसास होंगा। याद रहे की आपकी दिनचर्या में खेलकूद या व्यायाम स्वस्थ जीवनशैली आदि प्रक्रियाओं का मिश्रण होना चाहिए। आपकी दिनचर्या व्यवस्थित होने से आपके मुख पर तेज के साथ ही साथ आपका स्वास्थ्य भी तेज़ोमय भी हो उठेगा।
                                  :- विक्रम सिंह रघुवंशी (kaam-ki-baate.blogspot.com) आपके विचार सादर आमंत्रित हैं। कृपया नीचे कॉमेंट कर अवश्य बताएं, धन्यवाद।
       

Monday, 21 September 2015

"हल्दी" से भागे रोग "जल्दी"

"नव काया प्रदाय हल्दी, रोग-शोक भगाय हल्दी"

इसे हरिद्रा और turmaric के नाम से भी जाना जाता हैं।
हल्दी का महत्त्व:-
1. यह जीवाणुरोधी है और यह एक प्राकृतिक एंटिसेप्टिक एवं एंटिबैक्टेरियल एजेन्ट है। हल्दी के लेप को किसी भी जले हुए या चोट लगे हुए अंग पर लगाने से संक्रमण नहीं होता या होना कम हो जाता है।2. हल्दी के सेवन से यदि कैंसर हो तो उसका बढ़ना रुक जाता है।
3.दूध में हल्दी और शहद एक साथ मिलाकर पीने से शरीर में बलपुष्ठि होती हैं।

4.मुंह में छाले होने पर हल्दी और शहद लगाएं या वैसे केवल हल्दी भी लगायी जा सकती हैं।


5. हल्दी का दरदरा चूर्ण और दूध की मलाई को मिलाकर लगाये व प्राकृतिक रूप से सूखने दे। फिर धो लें। इससे चेहरा और त्वचा दोनों चमक उठेगे।

6.लिवर के मरीजो को अवश्य हल्दी की मात्र ग्रहण करना चाहियें।
7. रोज़ाना थोड़ी-थोड़ी हल्दी खाएं इससे भूख बढेंगी।

8. हल्दी या उसकी पत्तियों का रस या हल्दी गाँठ जो भी उपलब्ध हो उसके रस या चूर्ण को उबटन के जैसे प्रयोग करने से तवचा में कांति आने लगती हैं। यह रक्त शोधक और बहुत ही असरदार हैं इसलिए यह चरम रोगों को ठीक करने में लाभकारी हैं।


9. हल्दी त्वचा का रूप निखारने के लिए इसका प्रयोग करते है।
10. हल्दी से मेलानोमा यानी काले तिल उभरना रुक सकता है। 

11. मानव लीवर के लिए यह एक बहुत ही बढ़िया प्राकृतिक शोधक हैं।
12. इसकी तासीर गरम होती हैं इसलिए दमा के मरीजों को दूध में हल्दी को मिलाकर  सुबह  और शाम देना चाहिए।
13.मोच के उपचार में भी इसका उपयोग किया जाता हैं।

   आपको मेरा ब्लॉग kaam-ki-baate.blogspot.com कैसा लगा जरूर बताएं। आप नीचे कमेंट कर सकतें हैं।
इस ब्लॉग पर प्रस्तुत चित्र केवल मात्र सांकेतिक हैं।  



Friday, 18 September 2015

मोबाइल रेडिएशन:- क्या ऐसा ही सोंचते है आप

काम की बातें:-
      नमस्कार मित्रों! शुभ प्रातः
"क्या आप सभी ऐसा ही सोंचते हैं....?"
दरअसल आज मैंने ये ब्लॉग एक अतिमहत्वपूर्ण मुद्दे पर बनाया हैं।
मेरा आपसे प्रश्न है की क्या आप मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, विद्युत बल्ब आदि एलेक्ट्रोनिक आइटम्स को आप सामान्य समझते हैं, अर्थात क्या आप बस ऐसा ही समझते है?
तो आपका उत्तर हैं हाँ! यानी आप इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बस उपयोग करें जा रहे हैं और वो भी सामान्य समझकर?
चलिए अब हम आपको बताते है की इन सामान्य से दिखने वाले उपकरणों की हक़ीक़त क्या है वास्तविकता क्या है।
दरअसल मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी और विद्युत बल्ब आदि एलेक्ट्रोनिक आइटम्स जिन्हें आप रोजमर्रा के कार्यों में उपयोग करते है ये सभी रेडियेशन पैदा करने वाली चीज़े हैं।
               अब हम आपको बताते है की क्या होता है रेडीएशन?
रेडियेशन चुम्बकीय किरणों का एक ऐसा समूह हैं जिससे जीव-जंतुओं को कही न कही क्षति अवश्य पहुचती हैं। मानव भी जीवों की श्रेणी में आता है तो स्वभाविक सी बात है की उस पर भी असर कही न कही होगा ही होंगा।
रेडीएशन के दुष्प्रभाव:-
1) रेडियेशन के कारण गर्भवती महिलाओं को बहुत गहरा नुकसान पहुचता है जो की आने वाले बच्चे के लिए खतरनांक हो सकता हैं।
2) आज कैंसर ट्यूमर जैसी बीमारियां अपने पैर पसार रही है इसका मुख्य कारण ये ही रेडियेशन हैं।
3)बिना कारण अचानक सरदर्द होना।
रेडीयेशन के माध्यम:-
यह चुम्बकीय विकिरण मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, विद्युत बल्ब आदि एलेक्ट्रोनिक आइटम्स  से फैलता ही है। बिजली के बल्ब से भी रेडियेशन फैलता हैं। जी हाँ यह सच हैं। रात में अचानक तेज़ रौशनी का बल्ब न जलाएं।
ज्यादा टीवी या कम्प्यूटर का उपयोग न करे यदि टीवी का उपयोग ज्यादा करना है तो कम से कम 10 फ़ीट का अंतर अवश्य बनाए।
याद रखे रेडियेशन का असर हमें अक्सर उपकरणो  की समीपता के कारण की होता हैं।
ठीक इसी प्रकार 24 घंटे आपकी पॉकेट या जेब में रहने वाले मोबाइल से भी बहुत रेडियेशन निकलता हैं।
अंतर्राष्ट्रीय एवं भारतीय मानक के अनुसार मोबाइल फोन का रेडिएशन लेवल 1.6 वाट/किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। परंतु मोबाइल कंपनिया रेडियेशन को ध्यान में न रखकर प्रतिस्पर्धा के दौर में आगे निकलने के लिए ज्यादा रेडियेशन देने वाले मोबाइल प्रोडक्ट बाज़ार में ला रही हैं।
              हम आपकों बता दे की आप अपने मोबाइल का रेडियेशन स्तर जांच सकते हैं। उसके लिए आपको अपने मोबाइल में एक नम्बर डायल करना होगा। और फिर आपके सामने वाट प्रति किग्रा में रेडियेशन प्रदर्शित हो जाएगा।
तो आप रेडियशन स्तर को जांचने के लिए *#07# नम्बर डायल कर सकते हैं।
               बस आप मोबाइल का उपयोग करते वक़्त बस इतना याद रखिये:-
1) आपके मोबाइल का रेडियेशन लेवल 1.6 वाट/किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए।
2) आप अपना मोबाइल फुल चार्ज रखे इससे रेडियेशन कम होंगा। चार्जिंग कम होने से रेडियेशन लेवल ज्यादा हो जाता हैं।
3) नेटवर्क कम होने से भी रेडियेशन लेवल ज्यादा हो जाता हैं।
4) कार, बसों में या जहाँ आसपास धातुओं की शेट्स या चादरें लगी हो वहां मोबाइल का उपयोग कॉल करने के लिए न करें। वहां पर भी  रेडियेशन लेवल ज्यादा हो जाता हैं।
रेडियेशन की पहचान:-
मोबाइल पर बात करते वक़्त यदि ज्यादा समय आप रेडियेशन के संपर्क में रहते हैं तो आपको अपने कान के पास और मोबाइल की बॉडी पर गर्मी महसूस होने लगती हैं।
रेडियेशन से बचाव:-
1)हमेशा कोशिश करे की आपका मोबाईल आपके 90% समय में आपसे कम से कम 10 इंच की दूरी पर रहे और मोबाइल पर बात संक्षेप में करें साथ ही साथ बात करने के लिए वायर हेड सेट का प्रयोग करें ब्लूटूथ का नहीं।
2) सबसे बढ़िया उपाय एक यह भी है की आप रात में सोने से 1 घंटे पहले और खाना के बाद गुनगुने दूध में हल्दी डालकर पिये। याद रहे हल्दी को उबालना नहीं हैं। बस दूध को गरम करो और उतरने से बस पहले ही हल्दी दाल दों। फिर प्राकृतिक रूप से स्वतः ठंडा होने दे और गुनगुना पी जाये। इस नुस्खे से आप रेडिएशन और कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों के प्रभाव में कभी नहीं आयेगे। वैसे भी हल्दी प्रतिजैविक या एंटीबायोटिक होती हैं। जो आपके शरीर को अंदर से मजबूत तथा रक्त का शोधन तथा चेहरे पर लालिमा का निर्माण करती हैं।
आपको मेरा ब्लॉग kaam-ki-baate.blogspot.com कैसा लगा जरूर बताएं। आप निचे कमेंट कर सकते हैं। इस ब्लॉग पर सभी फोटों या चित्र केवल मात्र प्रतीकात्मक हैं।

Thursday, 17 September 2015

तोंद को घटाए इन आसान तरीकों से:-

तोंद कम करने के उपाय:- 

                 सबसे पहले मैं आपको बता दू की 90 प्रतिशत स्थितियों में तोंद हटाई जा सकती है।यह सही बात हैं। आप घबराओ मत और न ही आप भ्रम में  पड़ों। आप बिलकुल सही ब्लॉग पर हैं। तोंद मानव शरीर में संलग्न एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण मानव शरीर में:-
1) सुस्ती यानि आलस्य।
2) बीमारिया।
3) स्फूर्ती ह्रास।
4) जोड़ों के दर्द।
5) बेडौलता।
6) हीन भावनाये (कुछ स्थितियों में) तथा शर्म आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।
                   अब मैं आपको बताता हूँ की तोंद पैदा होने के कारण क्या हैं। तोंद पैदा होने का सर्वश्रेष्ठ और अव्वल कारण है "आलस्य!"
                   जी हाँ आलस्य ही इसका मुख्य। कारण हैं परंतु यह हर बार लागू नहीं होता। कुछ अन्य कारण भी हैं जैसे अत्यधिक मांस-मदिरा पान, आराम (चाहे वह अत्यधिक नींद के रूप में भी क्यों न हो), तेल के पकवानों की आदत, व्यायाम न करना तथा ज्यादादेर तक ऑफिस या घर में कुर्सी पर बैठे कार्य करते रहना आदि कारण हो सकते हैं। जिसके कारण परिणाम पेट के आसपास वसा या चर्बी का अत्यधिक जमाव तोंद के रूप में प्रस्तुत होता हैं।
तोंद को घटाने के तरीकें:-
1) सबसे पहले सुबह जल्दी उठने की आदत डाले। और पालथी मारकर बैठ जाए फिर 2 से 3 गिलास सामर्थ्यानुसार पानी पिए।
2) व्यायाम की हो सके तो सर्वोत्तम सूर्य नमस्कार की आदत डालें। वर्जिश(कसरत) करें।
3) ग्रीन टी लें।
4) बादाम ले। यह 6 हफ़तें में 6.5 इंच तक पेट घटाने में मददगार हैं।
5) शहद ले।

अच्छे विचार, जरूर पढ़े.......................

परायी स्त्री और पराया धन जिसके मन को अपवित्र नहीं करते, गंगादि तीर्थ उसके चरण-स्पर्श करने की अभिलाषा करते हैं और उसका पूरा सम्मान करते हैं।
:-एकनाथ

ग़रीब वह हैं जिसकी अभिलाषा बढ़ी हुई हैं। सुखी और प्रसन्न वह व्यक्ति ही हैं जो कम इच्छाये रखता हैं।
:- डेनियल

फल की अभिलाषा छोड़कर कर्म करने वाला मनुष्य ही मोक्ष प्राप्त करता हैं। कर्म ही जीवन का सार हैं। कर्म करने वाला व्यक्ति ही सफलता को प्राप्त करता हैं।
:- श्रीमद्भगवतगीता पुराण

अभिलाषाओं से ऊपर उठ जाओं वे पूरी हो जायेगी, मांगोगे तो उनकी पूर्ति तुमसे और दूर जा पड़ेगी। इसलिए अपनी अभिलाषाओं पर अंकुश रखना सीखों।
:- रामतीर्थ


आईये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सकें।
:- अब्दुल कलाम

हर असफलता के साथ मेरी प्रतिष्ठा बढ़ जाती हैं।
:- जॉर्ज बनॉर्ड शॉ

जो सभी का मित्र होता हैं वह किसी का भी मित्र नहीं होता हैं।
:- अरस्तु

सुनहरा युग हमारे सामने है न की हमारे पीछे।
:- विलियम शेक्सपियर

मै वहां से शुरू करता हूँ जहां से आखिरी व्यक्ति ने छोड़ा था।
:- थॉमस एलवा एडिसन

मनुष्य को अपनी ओर खीचने
वाला यदि जगत में कोई असली चुम्बक है, तो वह
केवल प्रेम है |
:-महात्मा गाँधी

आज के समय में स्वास्थ्य और मानव

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@ आज के समय में स्वास्थ:-
                        आज के युग में मानव, मानव न रहकर एक मशीन बन गया हैं मुख्यतः महानगरों में। मानव पैसे और पहचान की चाह में अपनी और दूसरों की शांति खो बैठा हैं। और बस किसी अनभिज्ञता में डूबा जा रहा हैं, जो उसे रोगमय बनाने के लिए पर्याप्त हैं। 
                                                                           आज हम आपकों बाताएंगे की व्यस्त दिनचर्या में से अपने लिए सेहतमंद समय कैसे निकाला जायें। और हम ये भी बताएँगे की एक स्वस्थ शरीर का निर्माण कैसे किया जाये। सबसे पहले स्वयं को दुनिया से तौलना छोड़े। इस आदत से आप एक मानसिक शांति अनुभव करेंगे। परंतु इसका ये अर्थ नहीं हैं की आप लापरवाह बन जाये। बस आपको अनावश्यक दुनियादारी की बातो को अनदेखा करना हैं। चलिए अब हम बताते हैं की आपको कैसे समय प्रबंधन करते हुए उत्तम स्वस्थ्य प्राप्त करना हैं।       
                                               ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~     

अपने समय को व्यवस्थित करने का सबसे सरल तरीका ये हैं की रात को डेढ़ घंटे पहले जल्दी सो जाएँ और सुबह डेढ़ घंटे पहले उठ जाएँ। और कम से कम 2 गिलास गुनगुना पानी पीने आदत डालें ये आपके शरीर से जहरीले रसायन को बाहर करता हैं।इन डेढ़ घंटो में आप सुबह व्यायाम कर सकते हैं हेल्दी डाइट ले सकते हैं। मैं आपको सूर्यनमस्कार करने के लिए सलाह दूंगा जो की इस जगत का सबसे अच्छा व्यायाम हैं।
सूर्यनमस्कार video link click here

सुबह की शुरुआत सूर्यनमस्कार के साथ:-
                                                   sun salute विश्व का एकमात्र complete sat of exercise हैं। यानी सूर्यनमस्कार को करने से आपके सारे शरीर को बल मिलता हैं। आपका शरीर सुडौलता प्राप्त करता हैं। और इससे लंबाई भी बढ़ती हैं। मस्तक पर तेज़ विराजित होने लगता हैं। सूर्यनमस्कार में 12 अलग-अलग स्थितियां होती हैं। जो की पूर्ण और प्रभावी होती हैं। वैसे तो सूर्यनमस्कार कभी भी किया जा सकता हैं किन्तु सुबह सूर्य नमस्कार करने से इसका एक अलग ही प्रभाव मिलने लगता हैं। 
लाभ-
1) आयु बढ़ाता हैं।
2) झुकती कमर को सही आकार मिलता हैं। 
3) नेत्र विकार दूर करता हैं।
4) एकाग्रता को बढ़ाता हैं।
5) एकसाथ सारे शरीर को बलिष्ट करता हैं।
6) एकसाथ शरीर को सुडौलता मिलती हैं।
7) यदि श्वांस नली अवरुद्ध हो तो आवाज खुलती हैं।
8) रक्तसंचार दृढ होता हैं जिससे शरीर में लालिमा बढ़ती हैं।
9) तंत्रिकातंत्र मजबूत होता हैं। 
10) प्रतिरोधक क्षमता बढती हैं। और सूर्य किरणों से विटामिन D भी मिलता हैं।
                                            शुरुआत में आपको थोड़ी तकलीफ होंगी फिर कुछ समय बाद आप सूर्यनमस्कार के एक्सपर्ट बन जाओगे। सूर्यनमस्कार के बाद आप हेल्थी डाइट ले जैसे- चने,मूंग,सोयाबीन। चने,मूंग,सोयाबीन साबूत और एक रात पहले पानी में फुलाए हुए होने चाहिए।
                                      जो की  प्रोटीन का भण्डार हैं। अब आप यदि हो सके तो कुछ फल तथा टमाटर खाए वह भी कच्चा यह आपको चेहरे पर ग्लो या लालिमा भी देगा और फल फाइबर और एनर्जी देंगे।
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इस ब्लॉग पर प्रदर्शित सभी फोटों केवल प्रतीकात्मक हैं।
                                  धन्यवाद