Friday, 11 August 2017

आयुषवेद: गैस,धड़कन, पसीना, थकान, टेन्शन, शारीरिक व मानसिक कमजोरी,, शारीरिक व मानसिक कमजोरी,

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Monday, 7 March 2016

तेरी मिटटी को शत शत नमन

देशभक्ति कविता
तेरी मिटटी को मेरा शत-शत है नमन,
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
न जाने कितने एहसान है तेरे|
न जाने कितने एहसान है तेरे,
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
तेरी धरा में माँ, खून है मिला
कही है राणा का तो कही सुभास का
उस खून को मेरा, शत् शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
सबसे पहले फांसी चढ़ने मंगल आया
सन् सत्तावन की क्रांति का दिया जलाया
उस क्रांति को मेरा शत्-शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
झाँसी की रानी माँ वो तो महिला थी
मर्दों जैसी माँ वो लड़ने वाली थी
झांसी रानी को मेरा शत्-शत् है नमन
तेरी मिटटी को मेरा शत्-शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
तेरे तुलसी ने माँ एसा रंग जमाया
राम के दोहे की माला लेकर आया
उसके राम को मेरा शत् शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
स्वतंत्रता का झंडा लेकर अशफांक आया
साथ में दिल-ए-बिस्मिल लेकर आया
अशफांक बिस्मिल को मेरा शत्-शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||
उस दिल से लिखी है ये कविता मैंने माँ
जिस दिल से भगत सिंह फाँसी चढ़ा था
भगत की फांसी को मेरा शत्-शत् है नमन
है मातृभूमि तुझे भारत का अभिनन्दन||

Thursday, 28 January 2016

भारत

हमारा देश एक महान देश हैं।

Friday, 25 September 2015

Thursday, 24 September 2015

आज की आवश्यकता - "समय-प्रबंधन"

              आज के युग में समय प्रबंधन एक ऐसा अभिन्न अंग हैं जिसके बिना मानव का कोई भी कार्य या लक्ष्य अपनी चरम पराकाष्ठा तक नहीं पहूँच सकता। अतः समय-प्रबंधन एक आवश्यक स्थिति हैं।
              और  इसलिए ही अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना चाहिए। और उस दिनचर्या में सभी आवश्यक कार्यों का समावेश होना आवश्यक हैं। इसके लिए आप प्रातःकाल से शुरुआत करे आप ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डाले। यकीन मानिए आपकी जिंदगी ही नवीन दिशामय हो जायेगी। आपको कुछ दिन उठने में समस्या होगी पर अभ्यास के बाद में नहीं। आप स्वयं पर गर्व करने लगेंगे और आपका आत्म विश्वाश भी बढ़ेगा क्योकि आपके प्रत्येक कार्य हो रहे है वो भी समय के साथ। आपकी छवि अपने घर, परिवार, समाज, दोस्तों में या आपके कार्यस्थल कार्यालय में तक सर से पाँव तक बदल जायेगी। और आपको नीट नयी स्फूर्ती का एहसास होंगा। याद रहे की आपकी दिनचर्या में खेलकूद या व्यायाम स्वस्थ जीवनशैली आदि प्रक्रियाओं का मिश्रण होना चाहिए। आपकी दिनचर्या व्यवस्थित होने से आपके मुख पर तेज के साथ ही साथ आपका स्वास्थ्य भी तेज़ोमय भी हो उठेगा।
                                  :- विक्रम सिंह रघुवंशी (kaam-ki-baate.blogspot.com) आपके विचार सादर आमंत्रित हैं। कृपया नीचे कॉमेंट कर अवश्य बताएं, धन्यवाद।
       

Monday, 21 September 2015

"हल्दी" से भागे रोग "जल्दी"

"नव काया प्रदाय हल्दी, रोग-शोक भगाय हल्दी"

इसे हरिद्रा और turmaric के नाम से भी जाना जाता हैं।
हल्दी का महत्त्व:-
1. यह जीवाणुरोधी है और यह एक प्राकृतिक एंटिसेप्टिक एवं एंटिबैक्टेरियल एजेन्ट है। हल्दी के लेप को किसी भी जले हुए या चोट लगे हुए अंग पर लगाने से संक्रमण नहीं होता या होना कम हो जाता है।2. हल्दी के सेवन से यदि कैंसर हो तो उसका बढ़ना रुक जाता है।
3.दूध में हल्दी और शहद एक साथ मिलाकर पीने से शरीर में बलपुष्ठि होती हैं।

4.मुंह में छाले होने पर हल्दी और शहद लगाएं या वैसे केवल हल्दी भी लगायी जा सकती हैं।


5. हल्दी का दरदरा चूर्ण और दूध की मलाई को मिलाकर लगाये व प्राकृतिक रूप से सूखने दे। फिर धो लें। इससे चेहरा और त्वचा दोनों चमक उठेगे।

6.लिवर के मरीजो को अवश्य हल्दी की मात्र ग्रहण करना चाहियें।
7. रोज़ाना थोड़ी-थोड़ी हल्दी खाएं इससे भूख बढेंगी।

8. हल्दी या उसकी पत्तियों का रस या हल्दी गाँठ जो भी उपलब्ध हो उसके रस या चूर्ण को उबटन के जैसे प्रयोग करने से तवचा में कांति आने लगती हैं। यह रक्त शोधक और बहुत ही असरदार हैं इसलिए यह चरम रोगों को ठीक करने में लाभकारी हैं।


9. हल्दी त्वचा का रूप निखारने के लिए इसका प्रयोग करते है।
10. हल्दी से मेलानोमा यानी काले तिल उभरना रुक सकता है। 

11. मानव लीवर के लिए यह एक बहुत ही बढ़िया प्राकृतिक शोधक हैं।
12. इसकी तासीर गरम होती हैं इसलिए दमा के मरीजों को दूध में हल्दी को मिलाकर  सुबह  और शाम देना चाहिए।
13.मोच के उपचार में भी इसका उपयोग किया जाता हैं।

   आपको मेरा ब्लॉग kaam-ki-baate.blogspot.com कैसा लगा जरूर बताएं। आप नीचे कमेंट कर सकतें हैं।
इस ब्लॉग पर प्रस्तुत चित्र केवल मात्र सांकेतिक हैं।  



Friday, 18 September 2015

मोबाइल रेडिएशन:- क्या ऐसा ही सोंचते है आप

काम की बातें:-
      नमस्कार मित्रों! शुभ प्रातः
"क्या आप सभी ऐसा ही सोंचते हैं....?"
दरअसल आज मैंने ये ब्लॉग एक अतिमहत्वपूर्ण मुद्दे पर बनाया हैं।
मेरा आपसे प्रश्न है की क्या आप मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, विद्युत बल्ब आदि एलेक्ट्रोनिक आइटम्स को आप सामान्य समझते हैं, अर्थात क्या आप बस ऐसा ही समझते है?
तो आपका उत्तर हैं हाँ! यानी आप इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बस उपयोग करें जा रहे हैं और वो भी सामान्य समझकर?
चलिए अब हम आपको बताते है की इन सामान्य से दिखने वाले उपकरणों की हक़ीक़त क्या है वास्तविकता क्या है।
दरअसल मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी और विद्युत बल्ब आदि एलेक्ट्रोनिक आइटम्स जिन्हें आप रोजमर्रा के कार्यों में उपयोग करते है ये सभी रेडियेशन पैदा करने वाली चीज़े हैं।
               अब हम आपको बताते है की क्या होता है रेडीएशन?
रेडियेशन चुम्बकीय किरणों का एक ऐसा समूह हैं जिससे जीव-जंतुओं को कही न कही क्षति अवश्य पहुचती हैं। मानव भी जीवों की श्रेणी में आता है तो स्वभाविक सी बात है की उस पर भी असर कही न कही होगा ही होंगा।
रेडीएशन के दुष्प्रभाव:-
1) रेडियेशन के कारण गर्भवती महिलाओं को बहुत गहरा नुकसान पहुचता है जो की आने वाले बच्चे के लिए खतरनांक हो सकता हैं।
2) आज कैंसर ट्यूमर जैसी बीमारियां अपने पैर पसार रही है इसका मुख्य कारण ये ही रेडियेशन हैं।
3)बिना कारण अचानक सरदर्द होना।
रेडीयेशन के माध्यम:-
यह चुम्बकीय विकिरण मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, विद्युत बल्ब आदि एलेक्ट्रोनिक आइटम्स  से फैलता ही है। बिजली के बल्ब से भी रेडियेशन फैलता हैं। जी हाँ यह सच हैं। रात में अचानक तेज़ रौशनी का बल्ब न जलाएं।
ज्यादा टीवी या कम्प्यूटर का उपयोग न करे यदि टीवी का उपयोग ज्यादा करना है तो कम से कम 10 फ़ीट का अंतर अवश्य बनाए।
याद रखे रेडियेशन का असर हमें अक्सर उपकरणो  की समीपता के कारण की होता हैं।
ठीक इसी प्रकार 24 घंटे आपकी पॉकेट या जेब में रहने वाले मोबाइल से भी बहुत रेडियेशन निकलता हैं।
अंतर्राष्ट्रीय एवं भारतीय मानक के अनुसार मोबाइल फोन का रेडिएशन लेवल 1.6 वाट/किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। परंतु मोबाइल कंपनिया रेडियेशन को ध्यान में न रखकर प्रतिस्पर्धा के दौर में आगे निकलने के लिए ज्यादा रेडियेशन देने वाले मोबाइल प्रोडक्ट बाज़ार में ला रही हैं।
              हम आपकों बता दे की आप अपने मोबाइल का रेडियेशन स्तर जांच सकते हैं। उसके लिए आपको अपने मोबाइल में एक नम्बर डायल करना होगा। और फिर आपके सामने वाट प्रति किग्रा में रेडियेशन प्रदर्शित हो जाएगा।
तो आप रेडियशन स्तर को जांचने के लिए *#07# नम्बर डायल कर सकते हैं।
               बस आप मोबाइल का उपयोग करते वक़्त बस इतना याद रखिये:-
1) आपके मोबाइल का रेडियेशन लेवल 1.6 वाट/किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए।
2) आप अपना मोबाइल फुल चार्ज रखे इससे रेडियेशन कम होंगा। चार्जिंग कम होने से रेडियेशन लेवल ज्यादा हो जाता हैं।
3) नेटवर्क कम होने से भी रेडियेशन लेवल ज्यादा हो जाता हैं।
4) कार, बसों में या जहाँ आसपास धातुओं की शेट्स या चादरें लगी हो वहां मोबाइल का उपयोग कॉल करने के लिए न करें। वहां पर भी  रेडियेशन लेवल ज्यादा हो जाता हैं।
रेडियेशन की पहचान:-
मोबाइल पर बात करते वक़्त यदि ज्यादा समय आप रेडियेशन के संपर्क में रहते हैं तो आपको अपने कान के पास और मोबाइल की बॉडी पर गर्मी महसूस होने लगती हैं।
रेडियेशन से बचाव:-
1)हमेशा कोशिश करे की आपका मोबाईल आपके 90% समय में आपसे कम से कम 10 इंच की दूरी पर रहे और मोबाइल पर बात संक्षेप में करें साथ ही साथ बात करने के लिए वायर हेड सेट का प्रयोग करें ब्लूटूथ का नहीं।
2) सबसे बढ़िया उपाय एक यह भी है की आप रात में सोने से 1 घंटे पहले और खाना के बाद गुनगुने दूध में हल्दी डालकर पिये। याद रहे हल्दी को उबालना नहीं हैं। बस दूध को गरम करो और उतरने से बस पहले ही हल्दी दाल दों। फिर प्राकृतिक रूप से स्वतः ठंडा होने दे और गुनगुना पी जाये। इस नुस्खे से आप रेडिएशन और कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों के प्रभाव में कभी नहीं आयेगे। वैसे भी हल्दी प्रतिजैविक या एंटीबायोटिक होती हैं। जो आपके शरीर को अंदर से मजबूत तथा रक्त का शोधन तथा चेहरे पर लालिमा का निर्माण करती हैं।
आपको मेरा ब्लॉग kaam-ki-baate.blogspot.com कैसा लगा जरूर बताएं। आप निचे कमेंट कर सकते हैं। इस ब्लॉग पर सभी फोटों या चित्र केवल मात्र प्रतीकात्मक हैं।