परायी स्त्री और पराया धन जिसके मन को अपवित्र नहीं करते, गंगादि तीर्थ उसके चरण-स्पर्श करने की अभिलाषा करते हैं और उसका पूरा सम्मान करते हैं।
:-एकनाथ
ग़रीब वह हैं जिसकी अभिलाषा बढ़ी हुई हैं। सुखी और प्रसन्न वह व्यक्ति ही हैं जो कम इच्छाये रखता हैं।
:- डेनियल
फल की अभिलाषा छोड़कर कर्म करने वाला मनुष्य ही मोक्ष प्राप्त करता हैं। कर्म ही जीवन का सार हैं। कर्म करने वाला व्यक्ति ही सफलता को प्राप्त करता हैं।
:- श्रीमद्भगवतगीता पुराण
अभिलाषाओं से ऊपर उठ जाओं वे पूरी हो जायेगी, मांगोगे तो उनकी पूर्ति तुमसे और दूर जा पड़ेगी। इसलिए अपनी अभिलाषाओं पर अंकुश रखना सीखों।
:- रामतीर्थ
आईये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सकें।
:- अब्दुल कलाम
हर असफलता के साथ मेरी प्रतिष्ठा बढ़ जाती हैं।
:- जॉर्ज बनॉर्ड शॉ
जो सभी का मित्र होता हैं वह किसी का भी मित्र नहीं होता हैं।
:- अरस्तु
सुनहरा युग हमारे सामने है न की हमारे पीछे।
:- विलियम शेक्सपियर
मै वहां से शुरू करता हूँ जहां से आखिरी व्यक्ति ने छोड़ा था।
:- थॉमस एलवा एडिसन
मनुष्य को अपनी ओर खीचने
वाला यदि जगत में कोई असली चुम्बक है, तो वह
वाला यदि जगत में कोई असली चुम्बक है, तो वह
केवल प्रेम है |
:-महात्मा गाँधी
:-महात्मा गाँधी
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