Thursday, 17 September 2015

तोंद को घटाए इन आसान तरीकों से:-

तोंद कम करने के उपाय:- 

                 सबसे पहले मैं आपको बता दू की 90 प्रतिशत स्थितियों में तोंद हटाई जा सकती है।यह सही बात हैं। आप घबराओ मत और न ही आप भ्रम में  पड़ों। आप बिलकुल सही ब्लॉग पर हैं। तोंद मानव शरीर में संलग्न एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण मानव शरीर में:-
1) सुस्ती यानि आलस्य।
2) बीमारिया।
3) स्फूर्ती ह्रास।
4) जोड़ों के दर्द।
5) बेडौलता।
6) हीन भावनाये (कुछ स्थितियों में) तथा शर्म आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।
                   अब मैं आपको बताता हूँ की तोंद पैदा होने के कारण क्या हैं। तोंद पैदा होने का सर्वश्रेष्ठ और अव्वल कारण है "आलस्य!"
                   जी हाँ आलस्य ही इसका मुख्य। कारण हैं परंतु यह हर बार लागू नहीं होता। कुछ अन्य कारण भी हैं जैसे अत्यधिक मांस-मदिरा पान, आराम (चाहे वह अत्यधिक नींद के रूप में भी क्यों न हो), तेल के पकवानों की आदत, व्यायाम न करना तथा ज्यादादेर तक ऑफिस या घर में कुर्सी पर बैठे कार्य करते रहना आदि कारण हो सकते हैं। जिसके कारण परिणाम पेट के आसपास वसा या चर्बी का अत्यधिक जमाव तोंद के रूप में प्रस्तुत होता हैं।
तोंद को घटाने के तरीकें:-
1) सबसे पहले सुबह जल्दी उठने की आदत डाले। और पालथी मारकर बैठ जाए फिर 2 से 3 गिलास सामर्थ्यानुसार पानी पिए।
2) व्यायाम की हो सके तो सर्वोत्तम सूर्य नमस्कार की आदत डालें। वर्जिश(कसरत) करें।
3) ग्रीन टी लें।
4) बादाम ले। यह 6 हफ़तें में 6.5 इंच तक पेट घटाने में मददगार हैं।
5) शहद ले।

अच्छे विचार, जरूर पढ़े.......................

परायी स्त्री और पराया धन जिसके मन को अपवित्र नहीं करते, गंगादि तीर्थ उसके चरण-स्पर्श करने की अभिलाषा करते हैं और उसका पूरा सम्मान करते हैं।
:-एकनाथ

ग़रीब वह हैं जिसकी अभिलाषा बढ़ी हुई हैं। सुखी और प्रसन्न वह व्यक्ति ही हैं जो कम इच्छाये रखता हैं।
:- डेनियल

फल की अभिलाषा छोड़कर कर्म करने वाला मनुष्य ही मोक्ष प्राप्त करता हैं। कर्म ही जीवन का सार हैं। कर्म करने वाला व्यक्ति ही सफलता को प्राप्त करता हैं।
:- श्रीमद्भगवतगीता पुराण

अभिलाषाओं से ऊपर उठ जाओं वे पूरी हो जायेगी, मांगोगे तो उनकी पूर्ति तुमसे और दूर जा पड़ेगी। इसलिए अपनी अभिलाषाओं पर अंकुश रखना सीखों।
:- रामतीर्थ


आईये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सकें।
:- अब्दुल कलाम

हर असफलता के साथ मेरी प्रतिष्ठा बढ़ जाती हैं।
:- जॉर्ज बनॉर्ड शॉ

जो सभी का मित्र होता हैं वह किसी का भी मित्र नहीं होता हैं।
:- अरस्तु

सुनहरा युग हमारे सामने है न की हमारे पीछे।
:- विलियम शेक्सपियर

मै वहां से शुरू करता हूँ जहां से आखिरी व्यक्ति ने छोड़ा था।
:- थॉमस एलवा एडिसन

मनुष्य को अपनी ओर खीचने
वाला यदि जगत में कोई असली चुम्बक है, तो वह
केवल प्रेम है |
:-महात्मा गाँधी

आज के समय में स्वास्थ्य और मानव

Unbalancing

@ आज के समय में स्वास्थ:-
                        आज के युग में मानव, मानव न रहकर एक मशीन बन गया हैं मुख्यतः महानगरों में। मानव पैसे और पहचान की चाह में अपनी और दूसरों की शांति खो बैठा हैं। और बस किसी अनभिज्ञता में डूबा जा रहा हैं, जो उसे रोगमय बनाने के लिए पर्याप्त हैं। 
                                                                           आज हम आपकों बाताएंगे की व्यस्त दिनचर्या में से अपने लिए सेहतमंद समय कैसे निकाला जायें। और हम ये भी बताएँगे की एक स्वस्थ शरीर का निर्माण कैसे किया जाये। सबसे पहले स्वयं को दुनिया से तौलना छोड़े। इस आदत से आप एक मानसिक शांति अनुभव करेंगे। परंतु इसका ये अर्थ नहीं हैं की आप लापरवाह बन जाये। बस आपको अनावश्यक दुनियादारी की बातो को अनदेखा करना हैं। चलिए अब हम बताते हैं की आपको कैसे समय प्रबंधन करते हुए उत्तम स्वस्थ्य प्राप्त करना हैं।       
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अपने समय को व्यवस्थित करने का सबसे सरल तरीका ये हैं की रात को डेढ़ घंटे पहले जल्दी सो जाएँ और सुबह डेढ़ घंटे पहले उठ जाएँ। और कम से कम 2 गिलास गुनगुना पानी पीने आदत डालें ये आपके शरीर से जहरीले रसायन को बाहर करता हैं।इन डेढ़ घंटो में आप सुबह व्यायाम कर सकते हैं हेल्दी डाइट ले सकते हैं। मैं आपको सूर्यनमस्कार करने के लिए सलाह दूंगा जो की इस जगत का सबसे अच्छा व्यायाम हैं।
सूर्यनमस्कार video link click here

सुबह की शुरुआत सूर्यनमस्कार के साथ:-
                                                   sun salute विश्व का एकमात्र complete sat of exercise हैं। यानी सूर्यनमस्कार को करने से आपके सारे शरीर को बल मिलता हैं। आपका शरीर सुडौलता प्राप्त करता हैं। और इससे लंबाई भी बढ़ती हैं। मस्तक पर तेज़ विराजित होने लगता हैं। सूर्यनमस्कार में 12 अलग-अलग स्थितियां होती हैं। जो की पूर्ण और प्रभावी होती हैं। वैसे तो सूर्यनमस्कार कभी भी किया जा सकता हैं किन्तु सुबह सूर्य नमस्कार करने से इसका एक अलग ही प्रभाव मिलने लगता हैं। 
लाभ-
1) आयु बढ़ाता हैं।
2) झुकती कमर को सही आकार मिलता हैं। 
3) नेत्र विकार दूर करता हैं।
4) एकाग्रता को बढ़ाता हैं।
5) एकसाथ सारे शरीर को बलिष्ट करता हैं।
6) एकसाथ शरीर को सुडौलता मिलती हैं।
7) यदि श्वांस नली अवरुद्ध हो तो आवाज खुलती हैं।
8) रक्तसंचार दृढ होता हैं जिससे शरीर में लालिमा बढ़ती हैं।
9) तंत्रिकातंत्र मजबूत होता हैं। 
10) प्रतिरोधक क्षमता बढती हैं। और सूर्य किरणों से विटामिन D भी मिलता हैं।
                                            शुरुआत में आपको थोड़ी तकलीफ होंगी फिर कुछ समय बाद आप सूर्यनमस्कार के एक्सपर्ट बन जाओगे। सूर्यनमस्कार के बाद आप हेल्थी डाइट ले जैसे- चने,मूंग,सोयाबीन। चने,मूंग,सोयाबीन साबूत और एक रात पहले पानी में फुलाए हुए होने चाहिए।
                                      जो की  प्रोटीन का भण्डार हैं। अब आप यदि हो सके तो कुछ फल तथा टमाटर खाए वह भी कच्चा यह आपको चेहरे पर ग्लो या लालिमा भी देगा और फल फाइबर और एनर्जी देंगे।
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                                  धन्यवाद